बहुत दिन--409
बहुत दिन गुजर गए
याद अभी भी बाकी है
दर पर तेरे जाने का
उल्लास अभी भी जारी है
मन कहता है तुम आस-पास
पर स्थूल का दिखना बाकी है
ना साधना है ना तप है कोई
तब सूक्ष्म भी दिखना बाकी है
कुछ बातें हैं-कुछ यादें हैं
कुछ जो तुमने लिख डाला
उनको पढ़कर-उनमें खोकर
तेरा अक्स ढूंढना जारी है !!
@शशिसंजय
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