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अमृतवाणी-192

एक अन्य समय माँ एक धार्मिक उत्सव में विराजित थीं। अकस्मात् उठ कर वे मण्डप से बाहर जाने लगीं। दीदी तथा एक दो अन्य अनुयायी भी माँ के पीछे-पीछे बाहर आ गये। माँ सीधे रेल्वे स्टे...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य -28

मेरे बेटे को अक्सर पेट में दर्द रहता था थोड़ी बहुत इधर-उधर की दवाइयों से वह ठीक भी हो जाता। किसी ने सुझाव दिया कि-डॉक्टर को दिखा दो,ताकि अच्छे से इलाज हो जाये। कई बार ऐसी लापरवा...

गुरुगीता-97

समर्थ रामदास स्वामीजी की ख्याति सुनने पर छत्रपति  शिवाजी महाराज जी को उनके दर्शन की लालसा  हुई । उनसे मिलने के लिए वे कोंढवळ गए । वहां भेट होगी इस आशा से सायंकाल तक रुके, तब भ...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-57

गुरुदेव माताजी के बहादुर हीरो जिनमें ताकत और दिमाग तो बहुत था लेकिन दिशा सही न मिल पाने के कारण जीवन में बहादुरी के काम तो बहुत किये किन्तु अनर्थ वाले ज़्यादा। उन्हीं में स...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-27

उन दिनों मैं सिविल कोर्ट में,बलरामपुर में सर्विस कर रही थी। जून में कोर्ट की छुट्टियाँ होने को थीं। सन् 2002 की बात है।इस बार हमने शान्तिकुन्ज में छुट्टियाँ बिताने की सोची। प...

अमृतवाणी-191

“एक साधु मेरे घर पर भोजन मांगने आया। मैंने उसे अंदर बुलाया, कुछ भोजन दिया और उससे वही प्रश्न पूछा जो कि हर समय मेरे मन में घूमता रहता था, ‘क्या आप मुझे ईश्वर के दर्शन करा सकते ह...