कोरोना--408

तुम्हें क्या लगता है
क्या है ये कोरोना
सभी डरे सहमे हुए हैं
और तुम बेफिक्र की तरह
ध्यानस्थ हुए बैठे हो
शायद इसीलिए कि तुम्हें
यह अंदाजा काफ़ी अरसे पहले ही
हो चुका था तभी तो तुमने
मानव जाति को आगाह भी किया था
और न जाने कितनी साधनाएं
ख़ुद ने कीं और दूसरों से भी कराईं
और आज भी करा ही रहे हो
क्योंकि तुम हमेशा कहा करते थे कि
जहां से विज्ञान फेल होना शुरू होता है
वहीं से आध्यात्म....
अपना काम शुरू कर देता है
कोरोना यानी किये गये कर्मों का प्रतिफल
भले ही किसी ने भी किया हो
भुगतना तो सभी को पड़ता है
लेकिन..... मुझे पता है कि
तुम पूरी सृष्टि की रक्षा
किसी न किसी रूप में
अवश्य कर रहे हो
इसीलिए तो ध्यान मुद्रा में हो अनवरत
मेरे गुरुदेव....
मेरे दाता.......!!
                                  @शशिसंजय
                                        5/4/2020

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