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अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य -28

मेरे बेटे को अक्सर पेट में दर्द रहता था थोड़ी बहुत इधर-उधर की दवाइयों से वह ठीक भी हो जाता। किसी ने सुझाव दिया कि-डॉक्टर को दिखा दो,ताकि अच्छे से इलाज हो जाये। कई बार ऐसी लापरवा...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-57

गुरुदेव माताजी के बहादुर हीरो जिनमें ताकत और दिमाग तो बहुत था लेकिन दिशा सही न मिल पाने के कारण जीवन में बहादुरी के काम तो बहुत किये किन्तु अनर्थ वाले ज़्यादा। उन्हीं में स...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-27

उन दिनों मैं सिविल कोर्ट में,बलरामपुर में सर्विस कर रही थी। जून में कोर्ट की छुट्टियाँ होने को थीं। सन् 2002 की बात है।इस बार हमने शान्तिकुन्ज में छुट्टियाँ बिताने की सोची। प...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य पुस्तक-26

10 अक्टूबर 1983 के ब्रह्ममुहूर्त  के वे पल मुझसे भुलाये नहीं भूलते। पूज्य गुरुदेव ने आत्मीयतापूर्वक कहा था- "बेटा,  तू मेरा काम कर और मैं तेरा काम करूँगा।"          प्यार के रंग मे...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-56

यादों के झरोखे में एक नाम और याद आता है सेवक राम। किसी गारमैन्ट फैक्ट्री में काम करता था अपने शहर से दूर। यहां तक कि स्टेट से भी दूर। बहुत ही मेहनती, ईमानदार। लेकिन भाग्य के ल...