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मार्च, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-52

कहते हैं कि साधक को जिज्ञासु होना चाहिए। ऐसी ही जिज्ञासा कुछ-कुछ बन्दी भाइयों में थी, उन्हीं में से एक यह बालाराम भी था जो बार-बार कुछ न कुछ पूछता ही रहता। एक जिज्ञासा शान्त ह...

अमृतवाणी- 181

मित्रो ! सुदामा बगल में दबी चावल की पोटली देना नहीं चाहते थे, सकुचा रहे थे, पर उनने उस दुराव को बलपूर्वक छीना और चावल देने की उदारता परखने के बाद ही द्वारिकापुरी को सुदामापुर...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-17

दिनांक 2 दिसम्बर 2000 को मैं बीमार पड़ा। टाटा मेन अस्पताल में मुझे उपचार हेतु भर्ती किया गया। लगभग बारह दिनों तक इलाज चला किन्तु हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ता चली गई। मेरे पुत्र ...

गुरुगीता-85

छत्रपति शिवाजी महाराज अपने गुरुदेव समर्थ रामदास स्वामी के एकनिष्ठ भक्त थे । इसलिए समर्थ भी अन्य शिष्यों की अपेक्षा उनसे अधिक प्रेम करते थे । यह देख अन्य शिष्यों को लगा, ‘‘...

दिले शायरी-68

रहमों-करम पै तेरे ही, चलती है दुनिया देते हुये तुझको, किसी ने भी ना देखा !! तेरा दर ही देने वाला, बाकी सब तो लेने वाले हैं फ़िर भी देने का भ्रम हैं पाले, ये मकड़ी के जाले हैं!! मैं तो ह...

क्यों जनाब - 375

"क्यों जनाब" कहकर मुझको अक्सर चौंका देते थे पापा मैं तो रहूँगा साथ ही हरदम हँसकर कहते थे मेरे पापा बाई की राखी भेजी है क्या ? हमेशा फ़ोन पै पूछा करते थे बाई की और ख़ुद की राखी को ...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-51

बालाराम लगातार जप एवं ध्यान नियमित रूप से करने लगा, लेकिन बराबर एक ही बात पूछता-जीजी मैंने तो कभी किसी को थप्पड़ भी नहीं मारा फ़िर मैं यहाँ क्यों  आया  ?  इस सवाल का जवाब केवल ग...

रंगों का त्यौहार-374

रंगों का त्यौहार गया पर छोड़ गया मन की होली तन और मन को साफ करें अब भर लें प्यार से हम झोली काले दिल पर रंग चढ़े ना काला रंग सबसे न्यारा रंग सफ़ेद है सबसे अच्छा शान्ति दूत सबका प्...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-16

मेरी बेटी वंदना को अचानक बेहोशी का दौरा पड़ने लगा। इस बीमारी की शुरुआत तब हुई, जब वह ननिहाल में थी। वहीं पर इलाज शुरू हुआ। एक एक कर कई डॉक्टरों की दवाएँ चलीं, लेकिन कोई लाभ नहीं ...