---तेरी ख़ुशबू तेरी रंगत तेरी मुस्कान समाई जाती है मुझमें भी, पूछता है जब भी कोई मेरी ख़ुशी का राज मुझसे!! ---लोग छुप-छुप के प्यार करते औ छुपाते हैं, मैंने ख़ुलकर तेरे प्...
---तुझको अर्पण है मन मेरा, सबकी सब ये दुनियादारी, मन को तुम ही बांधे रखना, मैं आया हूं शरण तुम्हारी!! ---भीगते-भीगते वारिश में जब, दर पर तेरे पहुंचा हूं, देखके तेरी ...
---तन मन और धन किस पर गुरूर अच्छा है, जानता हूँ कि तेरी यादों के सिवा, साथ कुछ भी नहीं जाना है!! ---बेइन्तहा खुशियों से, भर दी है झोली तुमने, परवरदिगार ...
---मेरा हाथ पकड़ कर रखना तुम, कहीं छूट न जाए मन मेरा, ये तड़प सदा ऐसी ही रहे, मुझको तड़पाते ही रहना!! ---मैं जैसा भी हूँ तेरा हूँ, तुझको ना भूलूँ प्यार मेरे, त...
---ख़ुशनसीबी है मेरी कि, तुम्हारे साये में जीता हूँ, तुम्हारे सिवा और कोई सहारा नहीं दुनिया में!! ---दिल-दिमाग औ तन से, कुछ काम आ सकूँ मैं, इतनी सी बस गुज़ार...
---चारों तरफ़ "मैं" और "मेरी पहचान" की नुमाईश है, मैं को हटाकर हम करने की तनिक सी न गुंजाइश है!! ---तू मुझमें है मैं तुझमें हूँ ये फन्डा समझ नहीं आता, जब लड़ते हैं भाई-भाई, तब तू तो नज...
---यही तो दिले दरिया था तेरा, कि बच्चों की मनुहार पर, पिछला सब कुछ भूलकर तू , झट से मान जाया करती थी !! ---बड़े हो जाने पर औलाद के आगे, तुझे मजबूर होते भी देखा है, चुप रहते हुए घ...
---भूल जाता हूँ अक्सर कि तुम साथ रहते हो मेरे, दुनिया की दगाबाज़ी फ़िर क्यों सताती है मुझको !! ---दोहरे मुखौटे लेकर जो चल रहे थे अब तक, तुमने नक़ाब उनका झट से उखाड़ फेंका !! ---जिस ...
---आगे का कुछ रास्ता मुझको दिखा दो सतगुरु, जीना सफ़ल हो मेरा कुछ ऐसी राह बता दो!! ---कितने जन्मों से साथ हो मेरे, मुझको कुछ भी पता नहीं, फ़िर भी मुझको क्यों लगता है, सदियों ...
तुम्हारे ख़्यालों में रहना अच्छा लगता है मुझको तुम साथ होते हो तो कुछ और बात होती है मेरे दाता !! वक़्त के साथ बहुत कुछ बदल गया है अब तक एक तुम ही हो जो आज भी पहले से बेहतर हो !! हर प...
आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं आ जाएँ रोब-ए-ग़ैर में हम वो बशर नहीं कुछ आप की तरह हमें लोगों का डर नहीं इक तो शब-ए-फ़िराक़ के सदमे हैं जाँ-गुदाज़ ...
क्या कहूँ मैं तुमसे परवरदिगार मेरे, सब पर तुम्हारी रहमतों का साया बना रहे!! हमारी ये उलझनें मकड़ी के जाले की तरहॉ हैं एक तुम हो कि उनमें से भी रास्ता निकाल देते हो!! मेरे सतगुर...
तुमसे क्या छुपाऊँ, तुम जानते हो सब कुछ दुनिया के देखने से,कुछ फ़र्क नहीं पड़ता!! मुझसे ज़्यादा चिन्ता, रहती है तुमको मेरी इससे अधिक उम्मीदें, मैं क्या लगाऊँ तुमसे!! जितना दिया...
---पुण्य और पाप का पता नहीं किसी को, तेरे दर तक पहुँच पाना,ये सबसे बड़ा पुण्य है!! --- होता रहे भला इस जन्म में सभी का, ऐसा हुनर मेरे दाता देते ही रहना!! --- तू देता है दिखलाता नहीं, हम...
रहमों-करम पै तेरे ही, चलती है दुनिया देते हुये तुझको, किसी ने भी ना देखा !! तेरा दर ही देने वाला, बाकी सब तो लेने वाले हैं फ़िर भी देने का भ्रम हैं पाले, ये मकड़ी के जाले हैं!! मैं तो ह...
---खेलना रंगों से सुहाता है मुझको मग़र पास तुम हो तभी तो मैं खेलूँ सतगुरु तुम्हीं ने ये बख्शी है नेमत कि रंगों से चरणों को रंगीन कर दूँ ---फूलों की रंगत क्या भाती थी तु...
---ख्व़ाबों में-ख़्यालों में, बातों में-अदाओं में हर जगह तेरा ही अक्स नज़र आता है मुझको --- तू ही तू ग़र हर जगहॉ सबको यूँ दिखने लगे फ़िर तो बस प्यार ही आपस में बरसने लगे --- चाहत...
---तुम्हारी चाह ने दुनिया से चाहत भुला रखी है, ये करम है मुझ पर तेरा, कि तूने अपनी ही चादर उड़ा रखी है!! --- तुम्हारे आने का एहसास, तुम्हारी ख़ुशबू से हो जाता है, महक उठता हूँ मैं ...
---रूह से रूह कुछ इतनी बदल सी गई है, कि "मैं" को मिटाकर वो "तू" हो गई है!! ---भटकता हूँ जब भी यूँ तुझसे बिछड़कर, सबक याद आते हैं तब रह-रह के मुझको!! ---तेरा आसरा ही बचाता है मुझको, तुझी ...