आज से करीब आठ वर्ष पहले की बात है। मैं झारखण्ड राज्य के भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की जिला संयोजक थी। भा.सं.ज्ञा.परीक्षा सम्पादित कराने हेतु मुझे अक्सर झारखण्ड के कई जि...
शान्तिकुंज हरिद्वार में सन् 1989 ई. मेंं विचार क्रांति के प्रसार के लिए एक स्कूटर टोली बनाई गई।तय यह हुआ कि टोली बलसाड़ से स्कूटर से चलेगी,प्रचार-प्रसार करते हुए शान्तिकुंज प...
सन् 1996 के आखिर में मेरा तबादला चाइबासा में हो गया। यहॉ आने के लिए मैं मानसिक रूप से बिलकुल तैयार नहीं था। आरंभ से ही गुरुदेव से और उनके मिशन से इस प्रकार जुड़ा रहा कि विभागीय जि...
वर्ष 1986 के प्रारंभिक दिनों में शान्तिकुन्ज से थोड़ी दूर, रायवाला छावनी में मैं अपनी बीमार पत्नी श्री मती उर्मिला लाल के साथ रहता था। रॉची के एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमण और कैं...