आज पन्द्रह अगस्त को आज़ादी की ख़ुशियाँ मना रहा है पूरा देश लेकिन समझ नहीं आता मुझको देश आज़ाद हुआ कि नहीं.....? हम ख़ुद ज़रूर आज़ाद हो गये भ्रष्टाचार करने के लिये... दहेज की लालसा में...? बहुओं को मार देने के लिये... कन्या भ्रूण हत्या के लिये... बहन-बेटियों,यहॉ तक कि.... मॉओं की इज़्ज़त लूटने के लिये.... मानसिक विकलांगता आ गई है हममें क्यों कि...? दूसरों के अधीन रहने के... आदी हो गये थे हम इसीलिये...? शायद हम आज़ादी का मतलब समझ नहीं पाये काश.... हम समझ पाते आज़ादी का अर्थ --अच्छे संस्कारों का अर्थ --देश की मानसिक,आर्थिक,शारीरिक उन्नति का अर्थ --ईमानदारी से जीने का अर्थ --नारी जाति के सम्मान का अर्थ और भी बहुत कुछ जो समझ से बाहर रह गया हो जयहिन्द