🔴 सन् १९८८ ई. की बात है। गायत्री शक्तिपीठ, बलसाड़ की एक विशेष गोष्ठी में गायत्री महामंत्र की असीम शक्तियों पर परिचर्चा हो रही थी। धीरे- धीरे परिचर्चा का विषय इस युग के अन्यतम ...
भगवान् की इच्छा युग परिवर्तन की व्यवस्था बना रही है। इसमें सहायक बनना ही वर्तमान युग में जीवित प्रबुद्ध आत्माओं के लिये सबसे बड़ी दूरदर्शिता है। अगले दिनों में पूँजी ना...
गुरु और शिष्य का संबंध तमाम सांसारिक रिश्तों में श्रेष्ठ और ऊपर माना गया है। संकटमोचक श्री हनुमान के गुरु सूर्य थे जिन्होंने श्री राम के संबंध में सारा तत्व एवं भक्ति भाव ...
तुम्हारे ख़्यालों में रहना अच्छा लगता है मुझको तुम साथ होते हो तो कुछ और बात होती है मेरे दाता !! वक़्त के साथ बहुत कुछ बदल गया है अब तक एक तुम ही हो जो आज भी पहले से बेहतर हो !! हर प...
कभी याद आये तो बचपन में जाना जहाँ चलना सीखा वो जगह याद करना वो पापा के कँधे था मॉ का जो ऑचल गलती करके आते थे तुम छुपने वहॉ पर ज़िदों को भी अपनी पूरी कराना,रोना मचलना औ फ़िर रू...
आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं आ जाएँ रोब-ए-ग़ैर में हम वो बशर नहीं कुछ आप की तरह हमें लोगों का डर नहीं इक तो शब-ए-फ़िराक़ के सदमे हैं जाँ-गुदाज़ ...
🔵 मेरा जन्म स्थान झारखण्ड प्रांत के पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्राम चाकुलिया में है। रोजी- रोटी के सिलसिले में मैं अपने बच्चों के साथ कटक (उड़ीसा) में बस गया। मुझे अपने चाचा श्र...
गायत्री चालीसा का अनुष्ठान- ================== 🔵 जो लोग अधिक कार्य में व्यस्त हैं, जो अस्वस्थता या अन्य कारणों से नियमित साधन नहीं कर सकते, वे गायत्री चालीसा के 108 पाठों का अनुष्ठान कर सकते ह...
कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते हुए नामदेव जी से पत्नी ने कहा- भगत जी! आज घर में खाने को कुछ भी नहीं है। आटा, नमक, दाल, चावल, गुड़ और शक्कर सब खत्म हो गए हैं।...