शरणागत हूं-416

शरणागत हूं शरणागत हूं
मैं शरण में तेरी आया हूं
औरों की मुझको ख़बर नहीं
बस अपना आपा खोया हूं
मुझे होश में मत आने देना
वरना मैं फ़िर से भटकुंगा
कठपुतली तेरी बना रहूं
तो फ़िर न कहीं मैं जाऊंगा
तुम नाच नचाओगे मुझको
मैं ख़ुश होकर के नाचुंगा
मेरी डोर है तेरे हाथों में
ये सोच के मैं इठलाऊंगा
बस गीत तेरे ही गाऊंगा
ऐसे ही तुझे रिझाऊंगा !!
                  👣🙏

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