तुम मेरे हो-415
तुम मेरे हो-415
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कैसे न कहूं तुम मेरे हो
तुम ही तो केवल मेरे हो
संसार में सब कुछ बेगाना
मेरे अपने तो तुम ही हो
कुछ लोग कहें क्या पाया है ?
मैंने पाया ही पाया है....
संसारी रिश्तों से ऊपर
तुमको ही मैंने पाया है
सजदा करता हूं चरणों में
जिनमें आकर विश्राम मिला
इस दौड़-धूप की दुनियां को
बस छोड़ यहां आराम मिला
मैं तेरा हूं...तेरा ही हूं
तुम ही तो केवल मेरे हो
मेरा हाथ यूं ही पकड़े रहना
चलते रहना मुझको लेकर
चलते रहना मुझको लेकर !!
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