मोक्ष -418

 मोक्ष नहीं ना मुक्ति चाहिये 
 तेरे चरणों में स्थान चाहिये 
 जब - जब तू धरती पर आये 
 मुझको तेरा साथ चाहिये
 धूल बनूँ तेरे चरणों की
 या फिर हार बनूं सीने का 
 जो भी हो जैसे भी हो बस
 केवल तेरा प्यार चाहिये 
 मैं जैसा भी.. तेरा ही हूं
 और किसी आस नहीं है 
 दिल भी धड़के तेरे लिये ही 
 छोटी हो पर प्यास यही है । 
                      👣🙏


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