दिले शायरी -17
तुम मिले तो कुछ ऐसी बात हो गई
कुछ भी नहीं था मेरे पास
मग़र जिन्दगी से मुलाकात हो गई!!
बड़े नादान हैं वो लोग जो इस दौर में भी
वफ़ा की उम्मीद करते हैं
यहाँ तो दुआ कबूल न होने पर लोग
भगवान बदल दिया करते हैं!!
मेरी ऑखों के ख़्वाब,दिल के अरमान हो तुम,
तुमसे ही तो मैं हूँ,मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर, तो मेरे आसमॉ हो तुम,
सच मानो मेरे दाता,मेरे लिये तो,सारा जहॉ हो तुम!!
वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है
लोग भी, रास्ते भी, और कभी-कभी हम ख़ुद भी!!
इन ऑखों को जब तेरा दीदार हो जाता है
दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है!!
कॉटे की तरह चुभ रही है जिन्दगी पता है क्यूँ
तेरी हर एक बात आज याद आ रही है!!
जब ख़याल आया तो ख़याल भी उनका आया
जब ऑखें बन्द कीं तो ख्वाब भी उनका आया
सोचा याद कर लूँ किसी और को
मग़र होंठ खुले तो नाम भी उनका आया!!
फूलों की चुभन तो हमसे पूछिये साहिब ,
कॉटों से ज़ख़्म तो दुनिया खाती है!!
कॉटों से घिरा रहता है चारों तरफ़ से फूल,
फिर भी खिला ही रहता है,क्या ख़ुशमिज़ाज है!!
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