आप कुछ न कहें कुछ न बोलें बस ---- प्यार ही प्यार करते रहें तभी तक रिश्तों का आनंद है जैसे ही आप कुछ बोलते हैं संबंधों में अनमनापन आने लगता है----! ये दिखावटी ये बनावटीपन दुनिया दिखा...
शिष्यत्व तो समर्पण की साधना है- जिसका एक ही अर्थ है- अहंकार का अपने सद्गुरु के चरणों में विसर्जन। हालांकि इस समर्पण- विसर्जन के साथ भी कई तरह के भ्रम जनमानस में व्याप्त हैं। ...
गायत्री साधना के चमत्कार-8 =================== गायत्री उपासना की महिमा जितनी कही जाय उतनी कम है। माता की कृपा से कोई भी सच्चा साधक वंचित नहीं रहता, उसे उसके परिश्रम की अपेक्षा कई गुना लाभ नि...
इस तरह नवरात्रि साधना पूर्ण हो गई,और हम सब जो अन्दर देखे थे, उन भाइयों की प्रार्थना में जुट गए।फॉसी के बाड़े पर जिन सिपाहियों की ड्यूटी लगी थी वे भी हमसे बोले, मैडम जी, बहुत अच्...
,अबकी बार सिपाही भाई की तरफ़ से यज्ञ था।बन्दी भाई भी ख़ुश और वह भाई भी ख़ुश, क्यों कि गुरुदेव ने उसकी बड़ी-बड़ी समस्याओं का समाधान जो कर दिया था।बहुत ही उत्साह था सभी में,बन्द...
माता पिता की मृत्यु के बाद लम्बे समय तक सरकारी नौकरी करता रहा। पाठ पूजा में मेरा मन आरम्भ से ही बहुत था। अक्टूबर सन् 31 को तीर्थ यात्रा के लिए घर से निकला। अनेक तीर्थों की यात्...
एक बार एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ कुम्भ के मेले का भ्रमण कर रहे थे। वहां विचरण करते समय उन्होंने एक साधु को माला फेरते और साधना करते देखा। उन्होंने पाया कि साधु बार-बार ...