आप(सामाजिक)-350

आप कुछ न कहें
कुछ न बोलें बस ----
प्यार ही प्यार करते रहें
तभी तक रिश्तों का आनंद है
जैसे ही आप कुछ बोलते हैं
संबंधों में अनमनापन
आने लगता है----!
ये दिखावटी ये बनावटीपन
दुनिया दिखावे के लिए ठीक है
लेकिन--परिवारों में
कब तक चलता रहेगा
ये खोखलापन---!
मर्यादायें भूलकर आप
कब तक जीते रहेंगे
मर चुकी है आत्मा तभी तो
अहंकारवश दूसरों का दिल दुखाते हो
फर्श पर रहकर भी
अर्श का गुरूर दिखाते हो  
झूठी गरिमा संबधों की
कब तक रंग छोड़ती रहेगी
मतलबी रिश्तों का भार
कब तक आपस में ये दुनिया ढोती रहेगी
जहाँ देखो वहीं ये मँजर है
पीठ के पीछे सभी के खँजर है
काश कुछ तो खुद्दारी पैदा कर पाते
जिन्होंने दुनिया दिखाई उन्हें गले लगा पाते!!
                           
                        💔💔🖤💔💔

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