संदेश

अमृतवाणी-173-174-175

आत्मावलोकन का सरल उपाय-एकान्तवास(भाग-7) ================================= हमारा उदाहरण है आपके सामने। फिजूलखर्ची हमने कानी कौड़ी की भी नहीं की है। जो भी हमारे पास था, उसको बेहतरीन कामों में लगा दिया है, ज...

गुरुगीता-75

स्वामी विवेकानंद का सम्पूर्ण जीवन एक दीपक के समान है जो हमेशा अपने प्रकाश से इस संसार को जगमगाता रहेगा और उनका जीवन सदा हम लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। एक बा...

दिले शायरी -58

--तुम्हारे देने के तरीक़े का अन्दाज़ कुछ निराला है,    कुछ   मॉगने की सोचूँ,   उससे पहले ही झोली भर देते       हो!!       "मेरे सतगुरु-मेरे दाता" --जब भी कभी आ जाती है याद तुम्हारी,   ज...

लगा बराबर मेला है-373

लगा बराबर मेला है फ़िर भी कितना झमेला है रिश्ते बनाने के चक्कर में दौड़ रहा वो अकेला है मिला न उसको कोई कहीं भी सब मिट्टी के बरतन हैं कितना ही तुम दिल से चाहो सब मतलब के किस्स...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-42

"हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता" सचमुच यह कथन बहुत ही सटीक और सत्य प्रतीत होता है। जैसे ही मन्दिर बनाने का सामान आया वैसे ही इन्जीनियर,सलाहकार,मिस्त्री, बेलदार सभी अपना-अपना काम ब...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-6

🔵 जब मैं घुटनों के बल चला करती थी, तभी से घर में होने वाले पूजन, हवन तथा मंत्रोच्चार के प्रति मेरे मन में एक जिज्ञासा का भाव था। कुछ और बड़ी होने पर मेरी माँ ने मुझे गायत्री मंत्...

गुरुगीता-74

चमन लाल मुनीम जी अघोरेश्वर महाप्रभु के साथ ही हाजी सुलेमान जी के बगीचे मडुआडीह,वाराणसी में ही रहते थे | एक दिन मुनीम जी अघोरेश्वर महाप्रभु के साथ सोनारपुरा आये | मन्नार नाम ...