संदेश

रंग रंगी है-373

रंग रंगी है मेरी चुनरिया मैंने तेरे वादों से आ जाओ तुम अब तो दाता खड़ी हूँ तेरे द्वारे पै पहली चुनरिया तुमने दीनी नई-नवेली काया की रो-रो कर वो मैंने कर दी पूरी ही पूरी कीचड़ की ...

गुरुगीता-84

शेख फरीद नाम के एक सूफी  संत  थे। वो बचपन में काफी शरारती थे और उसकी माता प्रतिदिन उन्हें नमाज़ करने को कहती थी, पर वो नहीं करते थे। वो कहते थे कि" मुझे अल्लाह से क्या मिलेगा? मैं ...

दिले शायरी - 67

---खेलना रंगों से सुहाता है मुझको     मग़र पास तुम हो तभी तो मैं खेलूँ     सतगुरु तुम्हीं ने ये बख्शी है नेमत      कि रंगों से चरणों को रंगीन कर दूँ ---फूलों की रंगत क्या भाती थी तु...

देख पिया को-372

देख पिया को हुई बाबरी मन में मेरे उठी हिलुरिया लह-लह-लह लहराये चुनरिया दिल धक-धक मेरा करे बाबरिया ऑख के ऑंसू गिरें गाल पर  मन को भीगा करके  जायें होंठ बुदबुदा रहे थे पल-पल पी...

सलाखों के अन्दर गायत्री साधना-50

जप और मंत्र लेखन का काम बहुत तीव्र गति से चल रहा था। सभी के चेहरे एक अलौकिक तेज से चमकते दिखाई देते थे। बहुत अच्छा लग रहा था यह सब देखकर। लेकिन अब मंत्र लेखन की कापियां उपलब्ध ...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य-15

🔵 एक बार विचित्र तरीके से मेरे गले में कुछ समस्या उत्पन्न हुई। ऐसा लगता था मानो गले में काँटे जैसा कुछ चुभ रहा है। डॉक्टर को दिखाया। कुछ समझ में नहीं आया तो डॉक्टर ने गरम पान...

अमृतवाणी-180

“प्राण शक्ति से ही चेतन तत्व जड़ पदार्थों में व्याप्त होता है। प्रत्येक प्राणी जब तक जीवित है, तब तक श्वास लेता है, और जब श्वास थम जाता है तब वह मृत हो जाता है। प्राण के माध्यम स...