संदेश

गुरुगीता-96

यह कथा सन् 1952 की है । अघोरेश्वर भगवान राम जी ने हरिहरपुर में सर्वप्रथम 'विष्णु-यज्ञ' आयोजित किया । इस यज्ञ में,' झूंसी के नाथ बाबा' के लिए सबसे ऊंचा आसन स्थापित किया गया । यह यज्ञ श...

अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य पुस्तक-26

10 अक्टूबर 1983 के ब्रह्ममुहूर्त  के वे पल मुझसे भुलाये नहीं भूलते। पूज्य गुरुदेव ने आत्मीयतापूर्वक कहा था- "बेटा,  तू मेरा काम कर और मैं तेरा काम करूँगा।"          प्यार के रंग मे...

दिले शायरी 78

---ख़ुशनसीबी है मेरी कि,       तुम्हारे साये में जीता हूँ,       तुम्हारे सिवा और कोई       सहारा नहीं दुनिया में!! ---दिल-दिमाग औ तन से,       कुछ काम आ सकूँ मैं,       इतनी सी बस गुज़ार...

जुड़ा हूँ -385

चित्र
जुड़ा हूँ जबसे तुम्हारे दिल से बेतार के तार जुड़ने लगे हैं तुम्हारी महक के बारीक कतरे अब तो हवा में भी उड़ने लगे हैं जहाँ भी जाऊँ सब ख़ुश होके मिलते मेरे अक्स में सबको तुम ही जो दिखते "मैं" अब कहीं का नहीं रह गया हूँ तुम्हीं में तो सारा घुल-मिल गया हूँ तुम्हीं मेरे "आका" तुम्हीं तो ख़ुदा हो भगवान मेरे तुम ना मुझसे जुदा हो खोखा चढ़ा है तुम्हारा जो मुझ पर मचल सा रहा हूँ मैं भीतर ही भीतर खोखे के भीतर का मलबा हटा दो सब कुछ मुझे फ़िर नया सा बना दो !!                          @शशिसंजय

अमृतवाणी-190

अध्यात्म एक नगद धर्म ================ गायत्री मंत्र हमारे साथ- साथ- ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। इस शिविर में में उस अध्यात्म को आपको सिख...

गुरुगीता-95

एक बार की बात है नारद जी विष्णु जी से मिलने गए ! विष्णु जी ने उनका बहुत सम्मान किया ! जब नारद जी वापिस गए तो विष्णु जी ने कहा हे लक्ष्मी जिस स्थान पर नारद जी बैठे थे ! उस स्थान को गाय ...

दिले शायरी-77

---तेरे प्यार औ तेरी इबादत का नशा,       कुछ इस क़दर चढ़ा है मुझको,       कि रगड़ता हूँ जितना,        उतना ही खिल उठता है!! ---बैसाखियॉ छुड़ाकर तुमने,       ऊँगली पकड़ ली मेरी,       तुम ज...