ज़िंदगी भर दर्द से जीते रहे, दरिया पास था ऑसुओं को पीते रहे, कई बार सोचा कह दूँ हाल-ए-दिल उससे, पर न जाने क्यों हम होंठों को सीते रहे । --अगर किसी दिन रोना आये, तो आ जाना मेरे पा...
तुम्हारे आ जाने से....., निगाहें नूर की बरसात हुये जाती है । दिल की बेक़रारी भी...., दिले क़रार में बदलती जाती है । तुम्हारी रौशनी का पड़ता है, मुझपै जब भ...
गुरुवर आपका ताना बाना बना हुआ कितना मज़बूत । सारे बच्चे इसमें रहकर, काम कर रहे बहुत ही ख़ूब । समय-समय और पर्व-पर्व पर, दिशा-निर्देश हैं मिलते जाते । उसी तर्ज़ पर हम सब मिलकर, ता...
तुम जिसकी रखवाली करते, उसकी रक्षा कौन करे । हर-पल करे जो उसी की चर्चा(बातें), उससे चर्चा कौन करे । दिल-दिमाग़ को उथल-पुथल दे, ऐसी चर्चा सभी तो करते । अन्तरतम को गीला कर दे, ऐसी चर्...
पूजा-विधायें कुछ भी, मुझको समझ न आती । पाने की तुमको कुछ भी, क्रियायें न मुझको आती । जितने भी सब यतन है पाने के लिये हैं तुमको । मुझको तो कुछ यतन भी, आता नहीं समझ में । कान्हा की ग...