दिले शायरी-5
ज़िंदगी भर दर्द से जीते रहे,
दरिया पास था ऑसुओं को पीते रहे,
कई बार सोचा कह दूँ हाल-ए-दिल उससे,
पर न जाने क्यों हम होंठों को सीते रहे ।
--अगर किसी दिन रोना आये,
तो आ जाना मेरे पास,
हँसाने का वादा तो नहीं करता,
मगर रोऊँगा ज़रूर तेरे साथ ।
........दूरियाँ जब बढ़ी,
तो ग़लतफ़हमियॉ भी बढ़ी,
फिर तो उसने वो भी सुना,
जो हमने कहा भी नहीं ।
......जब हम बोलना नहीं जानते थे,
तो हमारे बोले बिना मॉ,
हमारी बातों को समझ जाती थी,
और..आज हम हर बात पर कहते हैं,
छोड़ो भी....मॉ तुम नहीं समझोगी ।
...........एक रास्ता यह भी है,
मँजिलों को पाने का,
कि..सीख लो तुम भी हुनर,
हॉ में हॉ मिलाने का ।
💔💔💗💗🖤
21/1/18
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