गुरुवर आपका ताना बाना(आध्यात्मिक)-343
गुरुवर आपका ताना बाना
बना हुआ कितना मज़बूत ।
सारे बच्चे इसमें रहकर,
काम कर रहे बहुत ही ख़ूब ।
समय-समय और पर्व-पर्व पर,
दिशा-निर्देश हैं मिलते जाते ।
उसी तर्ज़ पर हम सब मिलकर,
ताने-बाने बुनते जाते ।
शिवजी की बारात में शामिल,
सभी तरह के हैं बाराती ।
फिर भी कहीं अड़चन ना आती,
योजना सफल है होती जाती ।
तुम क्या..जादूगर हो गुरुवर,
कितने जादू दिखाते हो ।
कठपुतली तेरे हाथों की,
सबको ख़ूब नचाते हो ।
मात-पिता जब उँगली पकड़कर,
बच्चे को नचवाते हैं ।
ठुमक-ठुमक कर नाचता बालक,
देख के वो मुस्काते हैं ।
...........शाबाशी देते जाते हैं ।
👣🙏🏻
20/1/18
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