तुम जिसकी रखवाली करते(आध्यात्मिक)-344

तुम जिसकी रखवाली करते,
उसकी रक्षा कौन करे ।
हर-पल करे जो उसी की चर्चा(बातें),
उससे चर्चा कौन करे ।

दिल-दिमाग़ को उथल-पुथल दे,
ऐसी चर्चा सभी तो करते ।
अन्तरतम को गीला कर दे,
ऐसी चर्चा कौन करे ।

एक तुम्हीं हो जिनकी बातें,
दुखते मनों को हँसाती है ।
जिनको सुनकर दिल हल्का हो,
 ऐसी चर्चा कौन करे ।

रोकर पूँछने वालों का ......,
तॉता यहॉ है लगा हुआ ।
घावों पर जो मरहम लगाये,
ऐसी चर्चा कौन करे ।

इसीलिये तुमसे कह देना,
मुझको अच्छा लगता है ।
तुमसे गहरा सुनने वाला,
कोई कहॉ से लाया करे ।
.....इतना ज़्यादा जो ख़्याल करे ।

                                        👣🙏🏻
                                      20/1/18

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