दिले शायरी -69
---पुण्य और पाप का पता नहीं किसी को,
तेरे दर तक पहुँच पाना,ये सबसे बड़ा पुण्य है!!
---होता रहे भला इस जन्म में सभी का,
ऐसा हुनर मेरे दाता देते ही रहना!!
---तू देता है दिखलाता नहीं, हम देते हैं बतलाते हैं,
ये दस्तूर बनाया हमने ही,इस पर भी हम
इठलाते हैं!!
---आईना है मन मेरा तू भी उसी में है,
दिखता नहीं सभी को ये कैसी हैरत है!!
---सभी गिराने में लगे हैं एक दूसरे को,
ये कैसा धर्म है समझ नहीं आता!!
---बार-बार आ जाते हैं लौटकर वो लम्हे,
मन वचन और कर्म से जो बन पड़े होंगे!!
@शशिसंजय
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