दिले शायरी -72

तुम्हारे ख़्यालों में रहना अच्छा लगता है मुझको
तुम साथ होते हो तो कुछ और बात होती है मेरे दाता !!

वक़्त के साथ बहुत कुछ बदल गया है अब तक
एक तुम ही हो जो आज भी पहले से बेहतर हो !!

हर पल साथ तुम्हारा पाया अब भी पास ही रहते हो
फ़िर भी प्यास ना मेरी बुझती हर पल तड़प में रहते हो !!

गुनाहों को मेरे न देखा कभी भी
बरसता रहा है प्यार हरदम ही तेरा !!

मॉ की ममता प्यार पिता का सब कुछ तुमसे पाया है
भूले-भटके सारे रिश्तों को तुझमें ही मैंने पाया है !!

भूलूँ ना कभी भी मैं तुझको ऐ सतगुरु
तेरा हाथ सर पै सदा यूँ ही रखना !!
                                @शशिसंजय

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