तुम शायद--398
तुम शायद बने ही नहीं थे मेरे लिए
तुम्हें मेरे गर्भ में सिर्फ़ और सिर्फ़
धरती पर आने के लिए ही जरूरत थी
तुम.. बाहर में प्यार खोजते रहे और
घर में सभी तुम्हारी चाहत को तरसते रहे
तुमने केवल मेरी ही नहीं...
बाप भाई सभी की भावनाओं को छला
हमेशा ही तुम्हारे साथ पक्षपात हुआ
यह कहकर डराते रहे तुम
जबकि सच यह है कि तुमने केवल
चाहत का दिखावा किया जरूरत पड़ने पर
तुम्हारा प्यार तुम्हारी चाहत हमेशा ही
गैरों के लिए ही थी
ख़ैर.....
जो भी हो बहुत अच्छे हो तुम
जहां भी रहो हमेशा खुश रहो
अपनी ही बनाई दुनिया में
यही दुआ है तुम्हारे लिए
प्यारे बेटे !!
@शशिसंजय
6/3/2020
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