शक्ति की है--402
शक्ति की है दुनिया सारी
पूरी सृष्टि ही शक्ति है
रखना नहीं आया हमको तो
डूब गई ये हस्ती है
बराबरी का दर्जा पाकर
जिम्मेदारी से भटके हैं
माया ममता मोह बड़प्पन
सबका भान भी भूले हैं
धन के लालच की ताक़त ने
सब रिश्तों को बर्बाद किया
रिश्तों के अपनेपन में भी हमने
मर्यादाओं को लांघ दिया
सती अनुसूया सीता जैसी
प्रतिभाशाली होती थीं नारी
सुविधाओं के बलबूते जीतीं अब
संघर्ष नहीं कर पातीं नारी
बनना होगा एक बार फिर
मदालसा जैसी मातायें
बना सकें संतानों को फिर से
कि भूल सकें ना वो मर्यादाएं
@शशिसंजय
13/3/2020
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