शादी की रस्म--405

शादी की रस्म अदायगी में
कंगना खुलाई की
एक रस्म हुआ करती है
जिसमें दूल्हा और दुल्हन के हाथों में
बंधे धागों की ढेर सारी गांठें
एक दूसरे से खुलवाई जाती हैं
रस्म का तो पता नहीं कि
किसने बनाई होगी लेकिन...
इतना तो जरूर तय है कि
जीवन में कभी किसी के प्रति
मन में दुर्भावनाओं की गांठें
लग भी जायें तो....
उन्हें हमेशा खोलते रहना ताकि
रिश्तों की मिठास बनी रहे
यही प्रेरणा रही होगी इस रस्म के पीछे
लेकिन इतना आसान नहीं...
मन को खुला रखना...
अतीत और वर्तमान की...
कढ़वी गांठों की पोटलियों को
मजबूत हाथों से खोलना
कुछ भी हो...
मगर खोलनी तो पड़ेंगी ही 
मन की और दिल की गांठें
अन्यथा चुभती ही रहेंगी हमेशा ही
रिश्तों में पड़ी ये गांठें
शायद इसीलिए खुलवाई जाती होंगी
दूल्हा दुल्हन से ये मजबूती से
बांधी गई ये बहुत सारी गांठें !!
                      @शशिसंजय
                           18/3/2020

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