तू ही-390
तू ही फितरत तू ही कुदरत
तू ही मेरी किस्मत है
तेरे सिवा मेरा ना कोई
तू ही मेरी अस्मत है
तू ही शंकर तू ही भोला
तू ही तो जगदीश्वर है
ना देखा भगवान को मैंने
तू ही मेरा ईश्वर है
नाम पता ना गुरुवर मेरे
तू ही मेरा भगवन है
कैसे कह दूं दूर हो मुझसे
इर्द गिर्द तू हरदम है
रुद्र भी तू है शिव भी तू है
रुद्राभिषेक भी तू ही है
श्रावण मास की सारी पूजा
भाव में हर छन तू ही है!!
@शशिसंजय
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