गुरु-391
गुरु ही मौला गुरु ही मुर्शिद
गुरु ही खेवनहार है
गुरु ही ब्रह्मा गुरु ही विष्णु
गुरु ही पालनहार है
मन की बातें गुरु ही जाने
गुरु ही परवरदिगार है
पीर फ़कीर वो सब कुछ मेरा
गुरु ही जगदाधार है
आगे पीछे ऊपर नीचे
गुरु की ही तो छाया है
पीढ़ी दर पीढ़ी का लेखा
सब कुछ उसकी ही माया है
जब से आया शरण में उसकी
खुशियों का अम्बार है
जो भी उससे जुड़ता जाता
पाता बस वो प्यार है !!
@शशिसंजय
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