दिले शायरी-82
---तुझको अर्पण है मन मेरा,
सबकी सब ये दुनियादारी,
मन को तुम ही बांधे रखना,
मैं आया हूं शरण तुम्हारी!!
---भीगते-भीगते वारिश में जब,
दर पर तेरे पहुंचा हूं,
देखके तेरी सूरत प्यारी,
भीतर तक मैं भीग चुका हूं!!
---ब्रह्मा विष्णु महेश तुम्हीं हो,
तुमको मैंने देखा है,
तुमको ही माना है सब कुछ,
सब कुछ तुम्हीं से सीखा है!!
---चरणों को तेरे चूमा,
मन खो गया तुझी में,
कुछ और न दीखे मुझको,
डूबा रहूं तुझी में!!
---न जानता हूं पूजा,
न अभिषेक जानता हूं,
यादों में तेरी जीता,
बस तुझको मानता हूं!!
@शशिसंजय
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