दिले शायरी-83
---तेरी ख़ुशबू तेरी रंगत तेरी मुस्कान
समाई जाती है मुझमें भी,
पूछता है जब भी कोई मेरी
ख़ुशी का राज मुझसे!!
---लोग छुप-छुप के प्यार करते औ छुपाते हैं,
मैंने ख़ुलकर तेरे प्यार को
जिया है अपने भीतर!!
---जहां भी जाऊं जहां पर भी रहूं मेरे मालिक,
बस तेरा ही नाम जुबां पर आता रहे हमेशा!!
---भगवान की मूरत में कहां
भगवान को देखा है,
तेरी सूरत में मुझे
भगवान नज़र आया है!!
---तूने ही मेरे प्यार को
ख़ुशबू और हवायें दी हैं,
ऐसे ही तुझे चाहूं
इतना सा करम कर दे मुझ पर!!
@शशिसंजय
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