करते-कराते(आध्यात्मिक)-16

करते-कराते सभी तुम्हीं हो
फ़िर भी भ्रम हो जाता है
करने वाला "मैं" ही हूँ बस
अंहकार जग जाता है
मेरे सतगुरु कृपा करो अब
सारे दोष मिटा डालो
एक-एक कर दूर करो सब
दोषों के फ़न को कुचल डालो
तुम जो चाहो कर सकते हो
मुझको अच्छा बना सकते हो
इन दोषों को दूर भगाने की
ये----मेरी तो औक़ात नही
तन-मन -कर्म और वाणी भी तो
तेरे लायक बची नहीं
शरणागत तेरी हूँ गुरुवर
तुम कर सकते हो कुछ भी कहीं
मेरी नैया पार करोगे तुम ही
मुझको प्रबल विश्वास यही !!

                           👣🙏

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