सिहर उठा मन(सामाजिक)-18

सिहर उठा मन हैवानियत की
पराकाष्ठा देखकर
सदियों से महिलाओं पर अत्याचार
सबसे ज्यादा महिलाओं ने ही किये हैं
और-----? बेचारा पुरुष------?
मूक दर्शक बनकर खड़ा रहा
आज उलट गया है सब
बेचारा पुरुष--अब---
हैवान बन चुका है
ऐसे हैवानों की कोई जात नहीं होती
जज़्बात नहीं इनके भीतर
जगह-जगह की घटनायें अब यह
कहने को मजबूर करतीं हैं
कि महिलाओं--- उठ पड़ो---चल पड़ोसी
ठीक करने ऐसे लोगों को
लेकिन अफ़सोस----
कहीं-कहीं महिलायें आज भी-----
अपनी ही साथी महिलाओं की -----!
बहुत बड़ी दुश्मन है-----!!!!

                                💔💔🖤💔💔

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