जश्ने-जिन्दगी-376

जश्ने-जिन्दगी जश्ने-बहारा
तू तो ख़ूब मनाता चल
क्या कहती है दुनिया तुझसे
इससे हो बेपरवाह तू चल
मन की मौज में मस्त रहा कर
आगे-पीछे ना देखाकर
क्यों परवाह तू करे किसी की
सबको पीछे छोड़ता चल
जो भी तुझसे बना हो अब तक
फ़र्ज निभाता ही आया है
फ़िर भी किसने छोड़ा तुझको
जो जी चाहा ख़ूब सुनाया है
इसीलिये सब तोड़ के बन्धन
मौज में दौड़ लगाता चल
जश्ने-जिन्दगी जश्ने-बहारा
तू तो ख़ूब मनाता चल !!
                @शशिसंजय

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