दिले शायरी-63

---क्या भूलूँ क्या याद करूँ तुम्हारे जाने के बाद,
    बरसों  पुरानी यादें आज ताजा हो चली हैं!!

---बुजुर्गों की दुआओं का असर ही तो था,
    जिनकी दुआओं के दम पर बढ़े जा रहे थे हम !!

---सुना है जाने वाले फ़िर से भी आते हैं लौटकर,                 घर-परिवार, दोस्तों में पुनर्जन्म लेकर!!

---रिश्ते तो वो हैं जो अन्तर को छू लें,
   ऐसा ही एक रिश्ता आज अलविदा कह गया!!

---छोड़कर दुनिया चले तो जाते हैं कुछ अपने,
   भीतर इक हूक सी छोड़ जाते हैं रोने के लिये!!

---माना कि ख़ून के रिश्ते बहुत कुछ होते हैं,
   लेकिन रूह के मज़बूत बन्धन भी कुछ कम तो नहीं!!

                                                 @शशिसंजय

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