दिले शायरी -61
---तुम्हारी याद आते ही चेहरे पर लौट आती हैं खुशियाँ,मेरी ताकत मेरा वजूद तुम ही तो हो!!
---टूटकर बिखरने से बचाते रहे हो तुम,
जब भी इस दिल ने पुकारा आते रहे हो तुम!!
---तुम्हारी आहट, तुम्हारी ख़ुशबू समायी है कुछ इस तरह,
कि किसी और के आने का एहसास ही नहीं होता!!
---जितने साये चिपके थे मतलब केलिये मुझसे,धीरे-धीरे तुम सबको छुड़ाते चले गये!!
---जब भी कभी तन्हाई के दौर से गुजरता हूँ,
अचानक से तुमको सामने ख़ुद के पाता हूँ!!
---इस क़दर भा गया है साथ मुझको तेरा,
कि अब किसी और के सहारे की तलब नहीं होती!!
@शशिसंजय
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