हो सके तो(सामाजिक)-21
हो सके तो ज़िन्दगी आसान रहनी चाहिए
मन कुटिल और दिल कृपण
ऐसा न होना चाहिए
कौन जाने कब तलक
माला मिली है श्वॉस की
कौन जाने कब तलक
है ज़िन्दगी की आस भी
कर चलो ऐसा करम
जो याद आना चाहिए
ग़र न दे पाओ तो कुछ भी
करुणा तो होनी चाहिये
देखकर के दुःख किसी का
दिल पिघलना चाहिये
💔💔🖤💔💔
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