व्यवस्था(व्यक्तिगत)36
व्यवस्था समाज की
व्यवस्था परिवार की
व्यवस्था ख़ुद की
शिकायतें करते हैं सभी
लेकिन....
सोचता नहीं कोई कि
हम भी शामिल हैं इस व्यवस्था में
कहीं न कहीं....
थोड़ा बहुत...
हमारी ज़िम्मेदारी भी रही होगी
इसे बनाने .....
और बिगाड़ने में.....
अब भी कुछ नहीं बिगड़ा
ख़ुद से शुरु करें सँभलना
धीरे-धीरे सब कुछ..
बदलता जायेगा
क्यों कि.....
यह व्यवस्था भी तो हम ही हैं
केवल हम....
कोई दूसरा नहीं.....
💔💔🖤💔💔
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