बरसात(आध्यात्मिक)-33
बाहर तेज़ बरसात की आवाज़
भीतर तेरी रहमतों की बरसात
कितना अन्तर है दोनों मे
आनन्द दोनों ही देते हैं
लेकिन....
एक का आनन्द
तन और मन से सम्बन्धित है
जबकि...
दूसरा आनन्द...
तर-बतर कर देता है
आत्मा को...
अपनी रहमतों की
बरसात से
आनन्द...
आनन्द...
असीम आनन्द...!!
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