मौत(निज भाव)-22
मौत तू किसी का इन्तज़ार
क्यों नहीं करती
आया जब भी मन में
साथ लेकर--चलने का किसी को ?
तो---पूछा भी नहीं----सोचा भी नहीं ?
बस लिया साथ उसको
और---आगे चल दी
ये कैसा ले जाना है
कुछ तो समय दिया कर
कुछ तो बताया कर कि
आ रही हूँ मैं-----?
कुछ बचा है तो पूरा कर लो--?
काम कुछ बाकी है
प्यार कुछ बाकी है
और भी ना जाने
कितना कुछ बाकी है
बताया तो कर प्यारी
जब भी तुझे आना हो
चल पड़ूँगा साथ तेरे
जहाँ भी ले जाना हो
बस-----एक बार
आगाह कर !
💔💔🖤💔💔
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