दिले शायरी-79
---मेरा हाथ पकड़ कर रखना तुम,
कहीं छूट न जाए मन मेरा,
ये तड़प सदा ऐसी ही रहे,
मुझको तड़पाते ही रहना!!
---मैं जैसा भी हूँ तेरा हूँ,
तुझको ना भूलूँ प्यार मेरे,
तेरे साये से मैं ढका रहूँ,
जिसको भी दीखे तू दीखे!!
---गंभीर हुआ जाता हूँ मैं,
जब ख़्वाब मेरा टूटा करता,
तुम हरदम साथ ही रहते हो,
दिल ऐसा समझ नहीं पाता!!
---तुम सचमुच आया करते हो,
कहते थे पहले ऐसा कभी,
वो ख़्वाब नहीं हकीक़त है,
यह समझाया करते थे तुम भी!!
---याद सताती है मुझको,
जब ख्व़ाबों में आ जाते हो,
चरणों को तेरे चूमता हूँ,
जब नींद खुली तो सपना था!!
@शशिसंजय
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