तुम ही खुदा हो मेरे(आध्यात्मिक)-317
तुम ही खुदा हो मेरे,
दाता तुम्हीं हो मेरे।
मैं क्यों किसी को देखूं,
तुम हो खिवैया मेरे।
जब ढूंढती हूँ तुमको,
दिखते कहीं नहीं हो।
अन्दर से मुस्कुराते,
तुम पास ही हो मेरे।
तुम तो सखा हो मेरे,
कहां और की जरूरत।
बस हाथ थामे रहना,
मुझे भीड़ से बचाकर।
दुनिया के ये छलावे,
मुझको नहीं सुहाते।
तुम खुद से जोड़े रखना,
कन्धे पै हाथ रखकर।
मेरे यार मेरे दाता,
सजदा कबूल करना।
मेरे साथ यूंही रहकर,
निसबत (रिश्ता) को तुम निभाना।
4/12/17
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