गुरुगीता-91

गुरु नानक साहब ने संसार भर में लम्बी-लम्बी यात्राएं की । इस दौरान उनका शिष्य मरदाना उनके साथ रहा ।

एक बार मरदाना ने गुरु साहिब से अर्ज की - हुजूर हमें अपना घर छोड़े बहुत समय बीत गया है । पीछे बाल बच्चे याद करते होंगे । अब घर लौट चले । परिवार तो नानक साहब का भी था लेकिन जिनकी ऊंची उड़ानें होती हैं वे रास्ते के पड़ाव पर नहीं ठहरते है । नानक साहब ने कहा - मरदाना, अगर तेरे दिल में यही बात है तो तू आंखें बंद कर । मरदाना ने आंखें बंद कर ली । थोड़ी देर में नानक साहब ने कहा - मरदाना , अब आंखें खोल ले । आंखें खोलकर मरदाना ने देखा कि वे अपने गांव के बाहर एक कुएं पर बैठे हैं ।

गुरु नानक साहब ने कहा - अब तू जा और अपने परिवार को सम्भाल । मरदाना बोला - जी ! इतने दिन के बाद घर जा रहा हूं , बच्चे, स्त्री,पड़ौसी सभी पूछेगें कि क्या लाया है । कया ले जाऊं ? नानक साहब ने कहा - मरदाना अपना पल्ला फैला ले । वहीं रोड़े पड़े थे । नानक साहब ने रोड़े उठाकर उसकी झोली में डाल दिये और कहा - इसे सख्ती से बांध ले ।

मरदाना सोचने लगा - इन पत्थरों का क्या करूंगा ? लेकिन गुरु का हुक्म था । पत्थरों की पोटली को लेकर मरदाना घर पहुंचा । मरदाना मन में सकुचाया कि क्या पोटली खोलूं , इसमें तो रोड़े हैं । अब रात दिन जिनको वह ख़ुदा मानता था उन पर भी विश्वास नहीं था । डरते-डरते मरदाना ने पोटली खोली तो वह दंग रह गया, पोटली में हीरे-मोती बंधे थे ।

गुरु के चरित्र को समझना बहुत कठिन है । वे तरह -तरह के कौतुक करके जीव की परीक्षा लिया करते हैं । जो उनकी परीक्षा में पास हो जाता है,वह आवागमन के बंधन से छूट जाता है।

गुरुगीता पाठ
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सsदेश: शुद्धौ यत्राsसौ गीता तिष्ठति दुर्लभा ।
तत्र देव गणा: सर्वेsक्षेत्रपीठे वसन्ति हि ।।97।।

अर्थ
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जिस स्थान में यह दुर्लभ गीता रहती है वह देश पवित्र है और उस सिद्ध क्षेत्र पीठस्थान में सब देवता वास करते हैं ।।97।।
               गुरुगीता रहती है इसका मर्म यही है कि जिस स्थान में
इसका पठन-पाठन होता है वह स्थान शुद्ध हो जाता है, नहीं तो
सब पुस्तकालय सिद्ध क्षेत्र हो जायेंगे, क्यों कि उनमें गुरुगीता रहती है ।

97.
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The place where this rare Guru Geeta is kept that
country is sacred and all the dietis reside at that
holy peetha.
COMMENTS
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In fact those places where recitation is being done and discussions being held, those places
become pure other wise if it is only the question
of placing a book then all the libraries will become holy places because the libraries may
contain many Guru Geeta.
                                        👣🙏

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