दिले शायरी-73

---आगे का कुछ रास्ता मुझको दिखा दो सतगुरु,
    जीना सफ़ल हो मेरा कुछ ऐसी राह बता दो!!

---कितने जन्मों से साथ हो मेरे,
   मुझको कुछ भी पता नहीं,
   फ़िर भी मुझको क्यों लगता है,
   सदियों से साथ निभाया है!!

---भटका हूँ जब-जब राहों से,
    सँभाला है तब-तब तुम्हीं ने,
    मेरे दाता तुमसे बड़ा रखवाला
    कोई हो नहीं सकता!!

---दुनियादारी की उलझनों में,
   भटकता न रह जाऊँ,
   इसीलिए तुम हर पल साथ देते हो मेरा!!

---अकेलापन मुझको तुझसे मिलने की ख़बर देता है,
    लगता है मेरे दाता ने कोई ख़ास संदेशा भेजा है!!

---जब तक मिले न तुमसे,
   खुशियाँ भी लापता थीं,
   जिस दिन से तुम मिले हो,
   ख़ुशियों का ठिकाना मिल गया!!
  
                              @शशिसंजय

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