दिले शायरी -66

---ख्व़ाबों में-ख़्यालों में, बातों में-अदाओं में
   हर जगह तेरा ही अक्स नज़र आता है मुझको

--- तू ही तू ग़र हर जगहॉ सबको यूँ दिखने लगे
    फ़िर तो बस प्यार ही आपस में बरसने लगे

--- चाहतें और मन्नतें सब तुझी से हैं मग़र
    जो प्यार दुनिया से हैं तुझसे क्यों होता नहीं

---बातों में उलझ जाता हूँ जब आता है ख़याल तेरा
    फ़िर सोचता हूँ किे तेरी याद और बात भी
     किसी पूजा से कम तो नहीं

---टूटे दिलों को जोड़ना प्यार का मरहम लगाकर
    ये अदा तुम्हारी आज भी बहुत याद आती है

---एक बार जो मिल लिया होके तुम्हारा रह गया
    लोगों ने हमेशा के लिये उसे पागल करार दे दिया
      
                                         @शशिसंजय!!

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