ऑखिन देखी-357
आज भाई दौज का त्यौहार
भाई-बहन के अटूट प्यार का त्यौहार
प्यार तो बचा नहीं
बच गया केवल त्यौहार
त्यौहार भी लेन-देन में बदल गया
बहन ने भाई-भतीजों पर
ख़र्च कम किया---तो मुसीबत--!
और भाई ने बहन को कम दिया
तो रिश्तों में अच्छी वाली खटास--!
दिल से दिल वाला प्यार का रिश्ता
अब कहीं-कहीं ही बचा है
काश--प्यार को लेन-देन की
तराजू से बचा पाते
जो भी है पास अपने
इन रिश्तों पर लुटा पाते
चाहे वह केवल सच्चा प्यार ही क्यूँ न हो
लेने और देने ने कितनों को तोड़ा है
एक प्यार और अपनापन ही है
जिसने टूटे दिलों को जोड़ा है
क्यूँ ना हम सब मिलकर दुआ करें
रिश्तों की गरिमा व सम्मान को
बचाने की
और मॉ जाये रिश्तों में
प्यार को बढ़ाने की !!
@शशिसंजय
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