खुशियाँ-361
खुशियों के हर पल को जीना
सबके बस की बात नहीं
दुःख में भी जो ख़ुशी ढूँढ ले
इससे अच्छी कोई बात नहीं
बचपन से चलते चलते ही
अन्तिम कगार पर पहुँचे हैं
फ़िर भी जीवन के कुछ पन्नों पर
कुछ लोग तो-------?
जिम्मेदारी ही ढोते हैं
छोटी से छोटी चीजों में भी
खुशियों का बीज़ छिपा होता है
ढूंढ ले कोई उसको फ़िर तो
खुशियों का अम्बार लगा होता है
अन्तर के उत्साह का किसी भी
धन-बल से लेना-देना नहीं है
बड़े-बड़े धनिकों के भीतर भी
सुख और शांति का वास नहीं है!!
@शशिसंजय
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