दो बिन्दु(सामाजिक)-93
मृत्यु !
जीवन की उपलब्धि
और जीवन ?
मौत का खुला व्दार
जीवन और मृत्यु
दो विभिन्न बिन्दु हैं
मिलती है जिनसे
समय की डोर की
एक सरल रेखा
दो बिन्दुओं के बीच की
सबसे कम दूरी
फिर भी मनुज मनु का सुपुत्र
कितनी बेफ़िक्री से
सॉसों के लम्बे डोर को खींचकर
कहता है न व्यग्र हो
ज़िन्दगी बहुत लम्बी है
💔💔🖤💔💔
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें