दुनिया(सामाजिक)-67
दुनिया की इस भाग-दौड़ में
रिश्तों का कोई मोल नहीं
मतलब के होते हैं रिश्ते
दिल से उनका कोई तोल नहीं
जब भी ज़रूरत पड़ती है
तब उठकर आ जाते हैं ये
काम निकल जाते ही फिर से
पीठ दिखा जाते हैं ये
दिल और मन से दूर ही रखना
ऐसे थोथे रिश्तों को
उन जैसे ना बन पायें तो भी
दूर ही रखना इन घाघों को
केवल परम गुरु से रिश्ता
वो ही केवल सच्चा है
बार-बार हर बार ही जुड़ना
केवल ये रिश्ता ही सच्चा है
💔💔🖤💔💔
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