हर पल(व्यक्तिगत)-70
कुछ लोग
हर पल खोने के बाद
कुछ पा रहे हैं
मैं हर पल पाने के बाद
कुछ खो रहा हूँ
वे खोकर पा रहे हैं
मैं पाकर खो रहा हूँ
मेरे पाने और खोने की प्रक्रिया में
आस्थायें मिट रही हैं
भावनायें मर रही हैं
प्यार उजड़ रहा है
मन रो रहा है
जो पाया था खो दिया
जो पा रहा हूँ खो रहा हूँ
जो पाऊँगा खो दूँगा
इसलिये
न कुछ पाना चाहता हूँ न खोना
💔💔🖤💔💔
9/1/75
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